CVV kya hai | सीवीवी क्या है | CVV की विशेषताएं

CVV kya hai | सीवीवी की विशेषताएं - Technozu

अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, या अपने कार्ड से किसी को पेमेंट करते हैं तो आपको सीवीवी कोड डालना होगा। क्या आप जानते हैं सीवीवी क्या है? या भुगतान करते समय आपसे CVV कोड क्यों पूछा जाता है? आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि CVV नंबर क्या है और CVV नंबर कैसे पता करें तो चलिए बिना देर किए इस आर्टिकल को शुरू करते हैं।

सीवीवी क्या है

CVV का फुल फॉर्म (Card Verification Value) है। CVV कोड का उपयोग करने का मुख्य उद्देश्य आपको बैंकिंग धोखाधड़ी से बचाना है। यह कोड सभी बैंकों और क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा स्थापित किया जाता है, ताकि आप इंटरनेट लेनदेन के दौरान बैंकिंग धोखाधड़ी से बच सकें। जब आप ऑनलाइन भुगतान करते समय CVV कोड का उपयोग करते हैं, तो यह दर्शाता है कि भुगतान करने वाला व्यक्ति उस कार्ड का वास्तविक स्वामी है।

सीवीवी कोड का काम एक जैसा होता है, लेकिन कई कंपनियां इस कोड को अलग-अलग नामों से पेश करती हैं। उदाहरण के लिए, वीज़ा इस कोड को CVV2 कहता है, और मास्टरकार्ड इस कोड को CVC2 कहता है। अमेरिकन एक्सप्रेस ने इसका नाम CID रखा।

सीवीवी कोड कैसे पता करे

यह कोड खोजना बहुत आसान है। CVV कोड आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड के बैक पैनल में मौजूद मैग्नेटिक स्ट्राइप के बगल में लिखा होता है। इस कोड का उपयोग कार्ड को सत्यापित करने के लिए किया जाता है।

वीजा कार्ड के आगे के हिस्से में 16 अंकों का नंबर लिखा होता है, जो कि आपका कार्ड नंबर होता है। और इसके अलावा कार्ड धारक का नाम कार्ड की समाप्ति तिथि और एक चिप के साथ होता है, जबकि 3 अंकों की संख्या इसके बैक पैनल में मौजूद काले रंग की चुंबकीय पट्टी के ठीक नीचे लिखी जाती है, इसे आपका CVV नंबर कहा जाता है। इस नंबर का इस्तेमाल ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय किया जाता है।

सीवीवी का उपयोग क्यों किया जाता है

सीवीवी का उपयोग करने का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन लेनदेन करते समय आपको बैंकिंग धोखाधड़ी से बचाना है। आपके कार्ड से ऑनलाइन लेनदेन तब तक नहीं किया जा सकता जब तक उसमें सीवीवी कोड न दिया गया हो।

जब आप ऑनलाइन लेनदेन करते समय सीवीवी कोड दर्ज करते हैं, तो आपके डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड प्रदाता को पता चलता है कि आप उस कार्ड का उपयोग करने वाले व्यक्ति हैं, और यह भुगतान लेनदेन स्वीकार करता है। इस तरह सीवीवी कोड के बिना कोई दूसरा व्यक्ति आपके कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

सीवीवी की विशेषताएं

CVV कॉन्सेप्ट एक तरह की क्रिप्टोग्राफिक चेकिंग सिक्योरिटी कॉन्सेप्ट है, जिससे पता चलता है कि कार्ड का इस्तेमाल सही व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। क्योंकि जब तक आप सीवीवी कोड नहीं देते, आपका कार्ड प्रदाता भुगतान लेनदेन स्वीकार नहीं करेगा।

जब भी आप किसी प्लेटफॉर्म पर भुगतान करने के लिए अपने कार्ड के विवरण सहेजते हैं, तो आपका डेटा सिक्योर सॉकेट लेयर (एसएसएल) तकनीक के माध्यम से सुरक्षित रहता है।

इस सीवीवी कोड को कोई भी एक्सेस नहीं कर सकता है, क्योंकि किसी भी कंपनी या भुगतान सेवा प्रदाता के पास इस कोड को सेव करने की अनुमति नहीं है। और इस कोड को किसी भी ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म द्वारा सेव नहीं किया जा सकता है। इसलिए आपके कार्ड के दुरूपयोग की संभावना बहुत कम होती है।

सीवीवी का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखें

सीवीवी कोड आपके कार्ड को सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन इसका सावधानीपूर्वक उपयोग न करने से आपके क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का दुरुपयोग हो सकता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि कोई भी सीवीवी कोड को एक्सेस नहीं कर सकता है। लेकिन आपकी कुछ गलतियों के कारण कोई और आपका CVV कोड प्राप्त कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आप स्वयं अपने कार्ड का सीवीवी कोड किसी अन्य व्यक्ति को बताते हैं या आपका कार्ड चोरी हो जाता है, तो आपको इन स्थितियों में सावधान रहना चाहिए।

अगर किसी और को आपके कार्ड की सारी जानकारी मिल जाती है, या आपके कार्ड की डुप्लीकेट कॉपी बनाता है, तब भी वह बिना सीवीवी कोड के पेमेंट ट्रांजैक्शन नहीं कर सकता है। इसलिए अपने कार्ड का सीवीवी नंबर किसी से शेयर न करें।

अगर आपका कार्ड चोरी या गुम हो गया है, तो आपको अपना कार्ड ब्लॉक कर देना चाहिए। ताकि कोई आपके कार्ड का गलत इस्तेमाल न कर सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here